New Hindi Kahani 2018 – चार बहनों की कहानी

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एक घर में चार बहनें रहती थी।

पहली बहन का नाम था टूटेली,

दूसरी बहन का नाम था फटेली,

तीसरी बहन का नाम था सड़ेली,

चौथी बहन का नाम था मरेली।

एक दिन उनके घर पर कूछ मेहमान आए।

मम्मी ने, मेहमान से पूछा: आप उपर कुर्सी पर बैठेंगे या नीचे चटाई पर?

मेहमान बोले : कुर्सी पर बैठेंगे ।

मम्मी: टूटेली! कुर्सी लेकर आओ।

मेहमान घबड़ाकर : नहीं – नहीं ठीक है, हम चटाई पर ही बैठ जाएँगे।

मम्मी: फटेली! चटाई लेकर आओ।

मेहमान: रहने दीजिए हम ज़मीन पर ही बैठ जाएँगे।

( मेहमान ज़मीन पर बैठ गये। )

मम्मी: आप चाय पीएँगे या दूध?

मेहमान: चाय।

मम्मी: सड़ेली! चाय लेकर आओ।

मेहमान: नहीं – नहीं, हम दूध ही पी लेंगे।

मम्मी: मरेली! गाय का दूध लेके आओ।

मेहमान का दिमाग ख़राब हो गया और घर से बाहर भाग गया!

गुरु और चेला हिंदी कहानी

एक गुरु अपने चेला के साथ समंदर के किनारे टहल रहे थे।

वहाँ एक बोर्ड पर लिखा था – “डूबते हुए आदमी को बचाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा।”

बोर्ड पढ़ते ही गुरु को एक Idea सूझा। उसने चेले से कहा, “मैं समंदर में कूद जाता हूँ और मदद के लिए चिल्लाता हूँ… तुम मुझे बचा लेना। जो 500 रुपये मिलेंगे उसमें से 100 तुझे दूंगा, ठीक है?”

चेला: केवल 100? 50% करिये ना गुरूजी ?

गुरु: 100 रुपये से एक पैसा ज्यादा नहीं दूंगा। आईडिया मेरा है कि तेरा? चुपचाप जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर समझा ।

और गुरू समंदर में कूद कर मदद के लिए चिल्लाने लगा।

चेला आराम से बैठकर देखता रहा। उसे यूँ बैठे देखकर गुरू बोला, “अबे अब आता क्यों नहीं मुझे बचाने? मुझे सचमुच तैरना नहीं आता।”

चेला: गुरू जी आपने बोर्ड ध्यान से नहीं पढ़ा। नीचे लिखा है – “लाश निकालने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।”

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