HIndi Story – दो दोस्तों के जिंदगी से प्रेरित कहानी

Hindi Story of Two friends
Hindi Story

बहुत पहले की बात है पारस नाम के गांव में राम और श्याम नाम के दो सच्चे दोस्त रहते थे राम एक व्यापारी था और वह अपने जहाज को किराए पर लगाकर पैसे कमाता था | राम बहुत अच्छा आदमी था | पारस गांव के लोग राम को बहुत पसंद करते थे क्योंकि वह हमेशा लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहता था और गलत चीजों के खिलाफ आम आदमी के हक में आवाज उठाता था |

श्याम थोड़ा शौकीन मिजाज का आदमी था वह अपने जिंदगी को बड़े मजे से जीने में यकीन रखता था इसी कारण श्याम का पैसा अक्सर खत्म हो जाता था और उसे अक्सर गांव बालों से पैसे उधार लेना पड़ता था |

एक बार शाम का समय कुछ अच्छा नहीं चल रहा था जिससे दुखी होकर वह कहीं घूमने जाना चाहता था पर उसके पास पैसे नहीं थे इसी कारण वह अपने दोस्त राम के पास जाकर कुछ पैसे उधार मांगता है पर राम ने कहा कि अभी मैंने अपना सारा पैसा व्यापार में लगा दिया है इसलिए मेरे पास तुम्हें देने के लिए पैसे नहीं है लेकिन मैं अपने जहाज को किसी के पास गिरवी रखकर तुम्हें पैसे दे दूंगा इसलिए तुम्हें निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है |

इसके बाद राम श्याम को अपने साथ लेकर पारस के गांव में व्यापारियों के पास गया जिससे वह कुछ पैसे उधार लेकर श्याम की मदद कर सके लेकिन यह समय व्यापार के लिए बहुत अच्छा था इसीलिए लोग अपना पैसा व्यापार में लगा चुके थे और कोई इस समय में अपना पैसा किसी को उधार देना नहीं चाह रहा था इसी कारण दिनभर पूरे गांव में घूमने के बाद भी राम को कोई नहीं मिला जो उसे पैसे दे सके |

पारस गांव में चंदू-मल नाम का एक साहूकार रहता था जो गांव वालों को ब्याज पर पैसे देता था राम चंदू-मल से काफी नफरत करता था क्योंकि चंदू मल लोगों के मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे ज्यादा कर वसूलता था |

आज शाम के पास कोई रास्ता नहीं था इसी कारण उससे चंदू-मल के पास जाना पड़ा |

चंदू-मल भी राम से बहुत नफरत करता था क्योंकि राम ने खुले में चंदू-मल का काफी अपमान किया था और राम लोगों को बिना किसी ब्याज के पैसे दे देता था जिससे चंदू-मल के व्यापार को काफी नुकसान हुआ था | चंदू मल काफी समय से राम से बदला लेने की सोच रहा था और आज जब चंदू-मल ने देखा कि राम खुद उसके पास पैसे उधार मांगने आया है तो वह इस मौके को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था उसने राम से कहा कि वह राम को उधार देगा वह भी बिना किसी ब्याज के लेकिन अगर राम उसे पूरे पैसे 3 महीने के अंदर नहीं लौटा पाए तो वह राम के शरीर से 1 किलो मांस निकालेगा यह सुनकर श्याम को बहुत गुस्सा आया उसने राम से कहा कि इस साहूकार से पैसे उधार लेने की कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन राम ने कहा कि मेरे सारे जहाज अभी किराए पर गए हुए हैं वह बहुत जल्द वापस आ जाएंगे और मैं इस साहूकार के पैसे लौटा दूंगा इसीलिए इसकी शर्त मानने में कोई बुराई नहीं है यह कहकर राम ने चंदू-मल से ₹50000 उधार पर लेकर पैसे श्याम को दे दिए |

श्याम पैसे लेकर दूसरे देश चला गया जहां एक राजकुमारी का स्वयंवर हो रहा था | श्याम ने राजकुमारी से विवाह कर लिया और दोनों खुशी खुशी में रहने लगे लेकिन एक दिन शाम को खबर मिली श्याम को यह खबर मिला कि उसका दोस्त राम का व्यापार पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है उसके जहाज समुद्र में खो गए हैं और उस ने चंदू-मल से जो ब्याज पर पैसे लिए थे उसे लौटाने के लिए उसके पास अब कुछ नहीं बचा है इसीलिए चंदू मल उसके शरीर से राम के शरीर से 1 किलो मांस निकालने के बहाने से राम को डालना चाहता है |

यह खबर सुनते ही श्याम तुरंत पारस गांव की ओर चल दिया श्याम के पत्नी ने भी भेष बदलकर श्याम के साथ पारस गांव की ओर चल दिया |
जब श्याम पारस गांव पहुंचा तो वह देखा कि चंदू-मल एक हाथ में तलवार लेकर श्याम के शरीर राम के शरीर से मांस निकालने की तैयारी कर रहा है |

श्याम तुरंत चंदू-मल के पास जाकर कहा कि मैं तुम्हें पहले से दोगुने पैसे दूंगा तुम राम को छोड़ दो इस पर चंदू-मल ने कहा कि नहीं उसे पैसे नहीं चाहिए अब समय पूरा हो चुका है इसीलिए वह अब राम को मार कर ही छोड़ेगा |

इस पर श्याम की पत्नी ने चंदू मां से कहा कि ठीक है तुम राम के शरीर से 1 किलो मांस निकाल लो लेकिन याद रहे तुम्हें सिर्फ मांस निकालना है अगर राम के शरीर से एक बूंद भी खून तुम्हारे मांस निकालने के कारण निकलता है तो तुम्हें मृत्यु दंड दिया जाएगा |
इससे चंदू-मल डर गया उसने कहा कि यह कैसे संभव है अगर मैं मांस निकाल लूंगा तो खून तो निकलेगा ही इस पर श्याम के पत्नी ने कहा कि लेकिन तुमने तो सिर्फ मांस निकालने की बात की थी खून की बात तो तुमने की ही नहीं थी इसलिए तुम खून नहीं निकाल सकते तुम्हें सिर्फ मांस निकालना पड़ेगा अब चंदू-मल के पास कोई रास्ता नहीं था इसीलिए चंदू मल ने कहा कि मुझे माफ कर दो मुझसे गलती हो गई |

मैं अब राम से राम से कोई पैसा नहीं मांगूंगा इस पर श्याम की पत्नी ने कहा कि नहीं तुमने एक षड्यंत्र रच कर राम के राम को मारने का प्रयास किया है इसीलिए तुम्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए पारस के लोगों ने भी श्याम के पत्नी का समर्थन किया इसी कारण दंड के रूप में चंदू-मल को अपनी आधी संपत्ति राम को देना पड़ा इस प्रकार श्याम के पत्नी ने अपनी चतुराई का उपयोग करके राम की जिंदगी बचाई |

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