Funny story in hindi – कटहल का मारा

jackfruit
Funny story in hindi

खुर्रम को अपने व्यापार के काम से अक्सर देश विदेश जाना पड़ता था|  एक बार जब वह बांग्लादेश पहुंचा तो घूमते-घूमते उसकी नजर एक फल  पर पड़ी | उसने दुकानदार से पूछा ” भाईजान इसे क्या कहते हैं? फलवाला हंसते हुए बोला “साहब इसे कटहल कहते हैं| उसने  कटहल को सूंघकर  देखा तो उसे कटहल की खुशबू अच्छी लगी|  वह सोचने लगा कि यदि  इस कटहल की खुशबू इतनी अच्छी है तो स्वाद कितना अच्छा होगा|

परंतु मन-ही-मन खुर्रम यह सोच रहा था कि इतना बड़ा फल बहुत महंगा होगा|

उसने फल वाले से पूछा “भाईजान कटहल कितने का है ?”

फलवाले ने उत्तर दिया “दस टका का | ”

खुर्रम को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ | उसे लगा कि शायद उसने गलत सुना है या फल वाले का ध्यान कहीं और है इस कारण उसने गलती से कटहल का दाम कम बता दिया है |  उसने तुरंत जेब से पैसे निकाले और कटहल खरीद लिया | होटल पहुंच कर उसने कटहल को छुरी से काटा और उसे खाने लगा |  उसे कटहल का स्वाद बहुत अच्छा लगा इसलिए आधे से ज्यादा कटहल उसने खा लिया | खाने के बाद वह नल पर हाथ धोने गया लेकिन उसके हाथ वह बुरी तरह चिपक रहे थे | इस कारण उसके हाथ व मुंह साफ नहीं हो रहा था | हाथ धोने की कोशिश में वह और भी ज्यादा चिपक गए | उसने हाथों को बार-बार साबुन से रगड़ा परंतु वह साफ नहीं हो रहे थे |  उसने देखा कि कटहल का रस कपड़ों पर लग रहा है |  उसने कपड़ों को रुमाल से साफ करने की कोशिश की परंतु रुमाल कपड़े से चिपक गया |  उसकी कुछ समझ में नहीं आया कि वह क्या करें?

उसने सोचा कि होटल के मालिक या किसी नौकर से पता किया जाए कि क्या करें | खुर्रम कमरे से बाहर निकलकर जैसे ही किसी के सामने आया, वह व्यक्ति उसे देख कर हंसने लगा | खुर्रम की हिम्मत नहीं हुई कि वह किसी से कुछ पूछे |  वह चुपचाप होटल के बाहर आ गया |  बाहर तेज हवा चल रही थी | सड़क के पत्ते उड़ उड़ कर उसके  कपड़ों पर चिपकने लगे | उसकी मूछों के बाल भी चिपक कर अजीब से लग रहे थे | हवा के साथ धूल मिट्टी, कागज, पंख आदि उसके कपड़े व हाथों से चिपकते जा रहे थे | वह जिधर निकलता उधर लोग उसे देख कर हंसने लगते | उसका चेहरा भी धूल से चिपकने से गंदा लगने लगा था |

कुछ लोग उसे पागल समझकर उसके पीछे चलने लगे | खुर्रम की समझ में नहीं आया कि वह क्या करें | वह चुपचाप एक दुकान में घुस गया और एक कोने में छिपने का प्रयास करने लगा |  वह एक गहने की दुकान थी  | वहां एक मेज पर कुछ आभूषण रखे हुए थे | खुर्रम  उसमें से टकरा गया और कुछ आभूषण उसे उसके कपड़े से जा सटे | जैसे ही खुर्रम छिपने का प्रयास करने लगा दुकान के मालिक की नजर उस पर पड़ गई |

वह चिल्लाया “चोर चोर”|  दुकान के नौकरों  ने  खुर्रम को पकड़ लिया |  भीड़ इकट्ठा हो गई | पुलिस को खबर दी गई | खुर्रम ने लाख समझाया कि उसने चोरी नहीं की है परंतु उसके कपड़ो पर चिपके आभूषणों के कारण किसी को यकीन ना हुआ | उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया | पुलिस ने चोरी की वजह जानना चाही तो उसने कटहल खाने की पूरी बात उन्हें बता दी | थानेदार हंसता हुआ बोला “अरे मियां जब खाना नहीं आता था तो कटहल खाया क्यों ?  अच्छा यह बताओ तुम किस व्यापारी के यहां आए हो” खुर्रम को उस व्यापारी के यहां ले जाया गया परंतु उस व्यापारी ने उसका हुलिया देखकर  उसे पहचानने से इंकार कर दिया | तब उसने अपना और अपने पिता का पूरा नाम बताया और साथ ही अपने साथ लाया हुआ  सामान की जानकारी दी | इस पर व्यापारी ने उसे पहचानते हुए कहा “थानेदार जी यह अपना ही बच्चा है, इसे छोड़ दीजिए |  यह हालात के कारण मुसीबत में फंस गया है|

खुर्रम बोलै  “अब मुझे इस मुसीबत से छुटकारा दिलवाईए “|  व्यापारी ने  खुर्रम को बदलने के लिए कपड़े दिए | उसका चेहरा वह हाथ पैर साफ करवाएं फिर उसकी अच्छी खातिरदारी की |  और कहा ” बेटा याद रख, किसी भी नई चीज को आजमाने से पहले उसकी थोड़ी जानकारी अवश्य ले देनी चाहिए|

 

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