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Story For Kids In Hindi – बच्चों की कहानियां

Kids Story

Kids Story

 

एक छोटे से गांव में, एक छोटा लड़का अपने पिता और मां के साथ रहता था वह अपने मां बाप का एकलौता बेटा था |

लेकिन इस छोटे लड़के में कई सारी बुरी आदतें थी जिसके कारण उसके माता पिता बहुत चिंतित रहते थे यह छोटा लड़का बहुत जल्दी गुस्सा करता था और गुस्से में आकर किसी के साथ भी झगड़ा कर लेता था और उन्हें  अपशब्द कह देता था |

यह छोटा लड़का अपने पड़ोस के बच्चों के साथ और अपने स्कूल के बच्चों के साथ कई बार मारपीट कर चुका था कई बार लोग इस बच्चे की शिकायत लेकर उनके माता पिता के पास आते थे जिससे उनके माता-पिता को बहुत दुख होता था उनके  पड़ोसी भी इस बच्चे से परेशान हो चुके थे |

अपने गुस्से के कारण इस बच्चे ने दूसरों को अपशब्द कहकर जो दुख पहुंचाया था उसके बारे में इस छोटे बच्चे  को जरा सा भी अंदाजा नहीं था लेकिन दूसरे बच्चे अब इस छोटे बच्चे से न तो बात करना चाहते थे और ना ही इसके साथ खेलना या रहना चाहते थे |

छोटे बच्चे के माता पिता ने कई बार अपने बच्चे को समझाने का प्रयास किया और इस बच्चे के अंदर दयालुता को विकसित करने की चेष्टा की लेकिन वह इस काम में असफल रहे |

छोटे बच्चे के माता पिता ने कई बार अपने बच्चे को समझाने का प्रयास किया और इस बच्चे के अंदर दयालुता को विकसित करने की चेष्टा की लेकिन वह इस काम में असफल रहे वह इस काम में असफल रहे

 

एक दिन उस छोटे बच्चे के चाचा उनके घर आए उन्होंने बच्चे की समस्या को समझकर उस बच्चे को एक सीख देने का विचार किया |  वह बाजार से एक थैले में कील खरीद कर ले आए और छोटे बच्चे को यह थैला देकर कहा कि कि आज के बाद जब तुम्हें बहुत ज्यादा गुस्सा आए तब तुम इस थैले से एक कील  को निकालकर दीवार पर हथौड़े से ठोक देना |

छोटे बच्चे को यह काम काफी मनोरंजक लगा इसीलिए वह इस काम के लिए तैयार हो गया अगली बार से जब भी उस छोटे बच्चे को किसी बात पर गुस्सा आता तो वह दौड़ कर एक कील  निकालकर दीवाल पर उसे ठोक देता पहले दिन में उसने 15 किल ठोक दिए और इसी तरह कई दिनों तक यह सब चलता रहा लेकिन धीरे-धीरे उसका इस काम से मन भर गया इसलिए दीवाल पर वह पहले से कम कील ठोकने लगा |

उसे अब दीवाल पर कील ठोकने में बिल्कुल मजा नहीं आ रहा था इसलिए उसने यह बात अपने चाचा को बताया तो उसके चाचा ने उसे सलाह दिया कि अगर अब तुम्हें गुस्सा आए तो तुम दीवार  से एक कील  को  खींच कर बाहर निकाल देना कई दिनों तक वह दीवाल से कुछ किले खींच-खींच कर निकालता रहा लेकिन अंत में कई सारे किलों को वापस नहीं निकाल पाया |

अब उस छोटे लड़के ने अपने चाचा से यह बात बताया कि वह दीवार से कुछ किलों को वापस नहीं निकाल पा रहा है तब उसके चाचा उसे दीवार के पास ले गए और जिन किलों  को वह वापस निकाल चुका था उनकी किलों  के कारण बने हुए निशान की ओर इशारा करके उसके चाचा ने उससे पूछा  की दीवार पर क्या है तो छोटे लड़के ने उत्तर दिया की दीवार पर एक छेद है |

तब उस छोटे बच्चे के चाचा ने उसे बड़े प्यार से समझाया कि तुम्हारा गुस्सा इस कील  की तरह है  जिसे तुमने दूसरे लोगों के ऊपर हथौड़े से ठोक दिया है अब तुम उनसे जाकर माफ़ी तो मांग सकते हो मतलब कि तुम कील को बाहर निकालने का प्रयास तो कर सकते हो लेकिन अगर कील वापस निकल भी जाए तो दीवार फिर से पहले जैसा नहीं हो सकता उसी तरह अगर तुम किसी से माफी मांग भी लेते हो तो भी तुम्हारा रिश्ता उनसे फिर पहले जैसा नहीं हो सकता है |

इसके साथ ही तुम चाह कर भी सभी किलों  को दोबारा वापस नहीं निकाल पाए इसका मतलब यह है कि तुम सभी रिश्तो को वापस पहले जैसा ठीक नहीं कर पाओगे और सबसे माफी मांग कर भी तुम्हें सबसे माफी मिल जाए इसकी संभावना बहुत कम है इसलिए यह बहुत जरूरी है कि तुम अपने गुस्से पर नियंत्रण रखो और दूसरों से बात करते समय सोच विचारकर शब्दों का प्रयोग करो छोटे लड़के को यह बात बहुत अच्छी तरह से समझ में आ गया और उसने इस प्रेरणा को अपने पूरे जीवन याद रखने का वचन दिया |

Santosh-Mahato

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