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Kahaniya – हाथी और 6 अंधा आदमी की कहानी

Elephant Story

Elephant Story

हाथी और 6 अंधा आदमी की कहानी —

एक ज़माने में, एक गांव में , छह अंधा पुरुष रहते थे |

एक दिन गांववाले बहुत उत्साहित थे, गांववालों को उत्साहित जानकर जब उन अंधा पुरुषों ने गांववालों से पूछा कि क्या हो रहा है, तो उन्होंने उन्हें बताया, “अरे, गांव में आज एक हाथी आया है !”

उन्हें पता नहीं था कि हाथी क्या था, और इसलिए उन्होंने फैसला किया, “हालांकि हम इसे देख नहीं पाएंगे, पर हम इसे महसूस कर सकते हैं। चलो चलते हैं।” तो, वे सभी वहां गए जहां पर हाथी था, और उनमें से प्रत्येक ने हाथी  को छुआ |

पहला आदमी हाथी  के पैर को छूकर कहता है की  “अरे, हाथी एक स्तंभ है,” |

दूसरे व्यक्ति ने हाथी  के पूंछ को छूकर कहा की   “ओह, नहीं! यह एक रस्सी की तरह है,”  |

तीसरे आदमी  जो हाथी   के दाँत को छू रहा था उसने कहा की   “, यह एक पेड़ की शाखा की तरह है,” |

चौथे आदमी जो हाथी   के कान को छू रहा था उसने कहा  की  “यह एक बड़ा हाथ पंखे की तरह  है”।

पांचवां व्यक्ति ने हाथी के किनारे को छुआ और कहा की “यह एक बड़ी दीवार की तरह है,” |

हाथी की सूंड को छूने वाले छठे व्यक्ति ने कहा, “अरे भाई यह तो एक पाइप की तरह है” |

हाथी कैसा था ? इस बात पर वे सभी एक दूसरे से तर्क करने लगे  और उनमें से प्रत्येक ने ज़ोर देकर कहा कि वह सही है।

वे लंबे समय से बहस कर रहे थे और अब उन्हें क्रोध आ रहा था | उनका वाद-विवाद एक लड़ाई में बदलने ही बाला था की तभी एक  बुद्धिमान व्यक्ति, जो हाथी को देखने आया था, उसने पूछा कि क्या मामला है जो तुम लोग आपस में झगड़ा कर रहे हो |

उन्होंने उत्तर दिया, की यह हाथी कैसा दिखता है इस बात पर हम आपस में सहमत नहीं है , और उनमें से प्रत्येक ने बुद्धिमान व्यक्ति को बताया  कि उनके अनुसार  हाथी कैसा दिखता है |

बुद्धिमान व्यक्ति उन सभी को सुनने के बाद मुस्कुराया और शांति से उनसे समझाया, आप सभी सही हैं लेकिन आप के बात में अंतर होने का कारण यह है कि आप में से प्रत्येक ने हाथी के अलग हिस्से को छुआ हैं इसलिए आप सबका अनुभव अलग हैं। वास्तव में हाथी में ये सभी विशेषताएं हैं: इसके पैर खंभे की तरह है, इसकी पूंछ एक रस्सी की तरह है, उसके दाँत वृक्ष की शाखाओं की तरह हैं, उसके कान एक हाथ पंखा की तरह हैं, और इसकी सूंड  एक  पाइप की तरह है।

बुद्धिमान व्यक्ति के बात को ठीक से समझने के बाद उन सभी अंधे पुरुष को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन सभी ने बुद्धिमान व्यक्ति  को उनकी मदद करने के लिए धन्यवाद दिया | अब उन सभी अंधे पुरुष को यह पता था की वास्तव में वे सभी सही थे |

इस कहानी से हमे एक बहुत जरूरी संदेश मिलता है  जिसका हम सभी के जिंदगी में बहुत अधिक जरूरत है हम सभी रोज ही किसी न किसी से असहमत होते है और बहस करने लगते है |

यदि आप किसी के साथ सहमत नहीं हैं,  क्योंकि आप को लगता है की वो गलत है तब भी  वे क्या कहते है इसमें कुछ सच्चाई हो सकती है। क्योंकि  कभी-कभी हम सच्चाई को  एक अलग दृष्टिकोण से देखते है और दूसरे लोग उसे अलग दृष्टिकोण से देखते है इस कारण हम एक दूसरे को समझ नहीं सकते है और अंधा पुरुषों की तरह बहस करने लगते है |

हमें यह समझना चाहिए कि उनके पास अपने स्वयं के अनुभव हैं इसलिए  वे इस तरह से सोचते हैं। दो अलग लोगों के विचार में अंतर होना एक साधारण बात है अगर हम इसे स्वीकार कर सकते हैं, तो हमारा हिंसक तर्कों में पड़ने की संभावना  बहुत कम है।

Santosh-Mahato

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